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शनिवार, 22 फ़रवरी 2014

कभी कभी कलम ठिठक जाती है


कभी कभी
कलम ठिठक जाती है
शब्द ठिठुर जाते हैं
ह्रदय घबराने लगता है
मस्तिष्क मन से
पूछता है
कब तक सत्य
लिखते रहोगे
लोगों से लड़ते रहोगे
एक दिन थक कर
हार मान लोगे
उत्तर में मन बोला
लोगों से तो
मर्यादा 
पुरषोत्तम राम भी
जीत नहीं पाये थे
मैं कैसे जीत पाऊंगा
लड़ते लड़ते हार जाऊंगा
संसार से उठ जाऊंगा
पर पीठ नहीं दिखाऊंगा
राम तो नहीं बन पाऊंगा
पर आने वाली पीढ़ियों को
प्रेरित कर जाऊंगा
जीवन 
सार्थक कर जाऊंगा
93-38-22-2-2014
जीवन,जेवण मन्त्र,पीठ दिखाना,सत्य,

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

Some people think they are always right


Some people
Listen less
Speak more
Do not follow
But like to teach
Ready to preach
Every time
They meet
Remain confused
Cry throughout
Their life
Still tell you
How to cope up
With difficulties 
Suffer from sense
Of false pride
Think they are
Always right
92-37-21-2-2014
False pride,teach,preach,over confidence 
Dr.Rajendra Tela,Nirantar


शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2014

कल रात लाख बुलाने पर भी नींद नहीं आयी


कल रात 
लाख बुलाने पर भी
नींद नहीं आयी
मान मनुहार करी
हाथा जोड़ी करी
नींद रूठ कर बैठ गयी
ज़िद पर अड़ गयी
आँखें लाल हो गयी
ह्रदय की धड़कन
मन की 
बेचैनी बढ़ गयी
नींद भी 
तरस खा गयी
मुस्कारा कर बोली
मेरा अनादर मत
किया करो
थोड़ा सम्मान भी
दिया करो
ईश्वर के दर्शन भी
हर समय नहीं होते हैं
मंदिर के पट भी
समय पर ही खुलते हैं
समय पर
बुलाओगे तो आऊंगी
नहीं तो यूँ ही 
सताऊँगी
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
91-36-21-2-2014
नींद,निद्रा,बेचैनी,जीवन,जीवन मन्त्र

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

आसपास होने का अहसास


बिस्तर की सिलवटें
बालों की पिन
कंघी में कुछ बाल
पांच सात लेडीज़ पर्स
कुछ साडियां
कुछ अन्य वस्त्र
सौंदर्य प्रसाधन का
सामान
रंग बिरंगी चूड़ियाँ
अलग अलग
डिज़ाइन की चप्पलें
उसके लिखे ख़त
उसकी तसवीरें
घर से उसकी खुश्बू
कभी मिटने नहीं देंगी
कोई कह भी दे
अब इनका क्या करोगे
उससे रिश्ता तोड़ दूंगा
पर इन सब को
जैसे पड़े हैं
वैसे ही रहने दूंगा
उसकी बातें
उसका अंदाज़ तो
मन में अमिट रहेंगे
पर यही सब तो हैं
जिनसे उसके
आस पास होने का
अहसास होता रहेगा
मुझे अकेलेपन में
धकेलने से
बचाता रहेगा
90-35-21-2-2014
यादें,विछोह,प्रेम,मोहब्बत,प्यार

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

बुधवार, 19 फ़रवरी 2014

Beauty lies in the eyes of the beholder


Beauty
Lies in the eyes
Of the beholder
How one takes it
Is In the mind
Of the person
Seeing it
True lover of beauty
Appreciates
It as god’s gift
Lust
In the mind
Forces one to see
Beauty
Only from
The physical angle
Physical pleasure
Reigns supreme
In the
Heart and mind
© Dr.Rajendra Tela,Nirantar
89-34-19-2-2014
Beauty,lust,love

Dr.Rajendra Tela,Nirantar

I don’t search love in your eyes


I don’t search
Love in your eyes
I do not find
Love in your face
Nor do I explore
Love in your manners
Love for me lies
In the depth of
The soul
It lies in a
Compassionate heart
A reasonable mind
Which thinks?
All human beings are
Alike
Sees them with
The same eye
© Dr.Rajendra Tela,Nirantar
88-33-19-2-2014
Love,compassionate soul

Dr.Rajendra Tela,Nirantar

Miseries


Supposed to be
Brave and strong
Hard working
Honest to the core
Lived down to earth
Never felt tired
Success never
Climbed his head
Never boasted
What he got
Never complained
What he did not
Ignoring his sufferings
Always kept doing
Something new
Show to the world
What the others can’t
He can
Smiled even
When he should have cried
So badly he was treated
Roughed and abused
By people around
Simply because
Other could not achieve
What he could
His positive attitude
Did not come to his rescue
So tired he became
Depression set in
Killed himself
One night
To keep others happy
Relieved himself
Of his miseries
87-32-19-2-2014
Suicide,miseries,depression,life

Dr.Rajendra Tela,Nirantar 

मंगलवार, 18 फ़रवरी 2014

I want you by my side


I want you
By my side
Share
Each and every
Moment of your life
Keep showering
 Pure love on you
Never let you cry
Make you smile
All your life
Pray to god
Transfer
Your sorrows to me
Give fruits of my
Good deeds
 To you
Drown myself
For ever in you
Live for you
Die for you
I want you
By my side
86-31-18-2-2014
Love,
Dr.Rajendra Tela,Nirantar 

मैंने देखी है नारी में


मैंने देखी है
नारी में 
संवेदनता
सहनशीलता
सहजता
ढृढ़ता
कोमलता
शक्ति
सुंदरता
प्रेम
स्नेह
प्रतिभा
प्रतिज्ञा
पूर्णता
माँ बहन
पत्नी पुत्री
दादी नानी
चाची मौसी
जिसने नहीं देखी
भूल सुधार ले
हवस की
दृष्टि रखना छोड़ दे
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर  
85-30-18-2-2014
नारी, हवस,स्त्री,औरत,पुत्री,बेटी,माँ,महिला, 

सोमवार, 17 फ़रवरी 2014

हादसा


कभी कभी सोचता हूँ
हादसा मौत होता है
या घुट घुट कर
ज़िंदा रहना होता है
या किसी अराजक
मुल्क में पैदा होना
जहां राजा शासक कम
शोषक अधिक होता है
हादसा तब होता है
या जब भाई भाई की
बेटा बाप की जान लेता है
तब हादसा होता है
या किसी दुर्घटना में
कोई संसार छोड़ता है
हादसा तब होता है
हादसे तो और भी बहुत हैं
पर मेरी नज़र में सबसे
बड़ा हादसा तब होता है
जब किसी कली को कोई
राक्षस नोचता मसलता है
खिलने से पहले ही
उसके प्राण हर लेता है

© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
83-28-17-2-2014

हादसा,जीवन,बलात्कार,ह्त्या,नारी. 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

दरार


ये दरारों से
झांकने की आदत
रिश्तों में दरार
बनाने की आदत
लोगों के बीच दरार 
खींचने की आदत
छोड़ दो यारों
बनानी है तो
मोहब्बत नफरत के
बीच दरार बना दो यारों
नफरत को दरार से
बाहर कर दो यारों
मोहब्बत को दरार के
अंदर रखो यारों
खुद भी जियो
दूसरों को भी जीने
दो यारों
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
82-27-17-2-2014

तांक झाँक,दरार,मोहब्बत,नफरत ,जीवन,जीवन मन्त्र
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 

रविवार, 16 फ़रवरी 2014

Even a smile became history


Life to me
Looked as if
Covered by
Dark clouds of
Unending misery
Even a smile
Became history
I felt depressed
And lonely
It was then
Lightening struck
The dark clouds
Suddenly
She appeared
To my rescue
Her love showers
Drenched
Each and every
Corner of my heart
Washed away
All the gloom
And misery
Cleaned my mind
With honey drops
Of pure love
Brought back
My confidence
Loneliness
Hid behind the
Curtains of time  
81-26-16-2-2014
Misery,love,loneliness,gloom,depression
Dr.Rajendra Tela,Nirantar


A selfless act


A
Selfless act
An honest approach
Selfless motive
Love for humanity
Helping
The distressed
Poor and needy
Honoring a person
For valor shown
Shower Praise
For a worthy deed
Good attitude
Nice behavior
Honest soul
Can only win  
Friends
Never an enemy
80-25-16-2-2014
Selfless act,praise,compassionate,friend,enemy  

Dr.Rajendra Tela,Nirantar