Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

शनिवार, 8 फ़रवरी 2014

Let me tell you the truth


You believe it or not
Let me tell you the truth
You may feel
You are not
Important to me
Because
Neither
I communicate
With you
Nor
I meet you
But from the depth of
My heart
With all honesty
At my command
I want to assure you
You are
As important to me
As any person
Close to me
For the simple reason
You selflessly
Pray for me
Like me
Adore me
Respect me
Think about me
Remember me
Some time
Of the day
In your busy routine
66-11-08-2-2014
Dr.Rajendra Tela,Nirantar
Truth,feelings,communication,

people,relationship,life 

विरह की अग्नि


विरह की अग्नि
=======
सांझ ढले मंदिर में
घंटे खड़ ताल बजे
प्रभु भक्त
भक्ति रस में डूबे
मन में 
विरह की 
अग्नि बरसे
सूनी रात के भय से
मन में
यादों के शूल चुभे
नेत्रों में
पीड़ा के डोरे चमके
रात भर ह्रदय में
विरह गीत गूंजे
अश्रुओं से चेहरा भीगा 
भोर के शंखनाद से
धरा पर
सूर्य रश्मियों का
स्नेह बरसा 
भंवरों का गुंजन
पक्षियों का
कलरव प्रारम्भ हुआ
नव पुष्पों के
मुखड़े चमकने लगे   
विचलित मन
विचलित ही रहा
विछोह के संताप से
ह्रदय मुक्त ना हुआ
नेत्रों से अश्रु बहते रहे
प्रियतम कि छवि
एक पल भी
मानस पटल से
ओझल ना हुयी
विरह की अग्नि
बुझ ना सकी
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
65-10-08-2-2014

विरह,विछोह,प्रेम,प्यार,मोहब्बत,जुदाई,दुःख,गम,

शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2014

ज़िंदगी का कलैंडर


ज़िंदगी का कलैंडर
========
ज़िंदगी 
कमरे की दीवार पर 
लगे कलैंडर से
मिलती जुलती होती है
जिस पर हर दिन
नयी तारीख आती है
नया हफ्ता आता है
साल बदल जाता है 
ज़िंदगी में भी हर दिन
एक नयी समस्या से
झूझना पड़ता है
हर हफ्ते सोच बदलता है
हर साल
कोई साथ छोड़ता है
कोई नया साथ बनता है
कलैंडर को तो देख कर
पता चल जाता है
कल नयी तारीख आयेगी
पर ज़िंदगी में
पता नहीं चल पाता
कल कौन सी समस्या 
सर उठाएगी 
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
 
64-09-07-2-2014
जीवन,ज़िंदगी,समस्याएं,समस्या, तारीख

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

रस्सी जल जाए मगर बट नहीं खोलेंगे


रस्सी जल जाए मगर बट नहीं खोलेंगे
===========
उसने नहीं करा
हम भी नहीं करेंगे
उसने नहीं दिया
हम भी नहीं देंगे
वो हँस कर नहीं बोला
हम भी हँस कर
नहीं बोलेंगे
होड़ में मर जायेंगे
मगर अहम् नहीं छोड़ेंगे
रस्सी जल जाए
मगर बट नहीं खोलेंगे
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
63-08-06-2-2014

जीवन,जीवन मन्त्र,होड़,अहम्

बुधवार, 5 फ़रवरी 2014

One Papa One Mummy

Living in
An orphanage
The parentless
Ever smiling
Cute little girl
With blonde hairs
Shining eyes
On seeing
Any man woman
Unaware of the fact
What papa
Mummy means
Addressed them
As papa or mummy
Adopted
By a childless couple
On her way
To her new home
She cried and cried
When repeatedly asked
The reason for
Her crying?
Sobbingly
She replied
In my old home
I had many papa's
Many mummy's
In my new home
I shall have
Only one papa
One mummy
62-07-05-2-2014
Dr.Rajendra Tela,Nirantar

Papa,mummy,orphan,parentless,life 

मन की विवशता


मन की विवशता
=======
कभी कभी संवाद 
स्थापित करने का
मन तो होता है
करूँ ना करूँ ?
सन्देश भेजूं ना भेजूं ?
पत्र लिखूं ना लिखूं ?
मन अनिश्चय के
भंवर में उलझ जाता है
उचित अनुचित का प्रश्न
संस्कार मर्यादा का ध्यान
प्रत्युत्तर का परिणाम
ना चाहते हुए भी
संवाद पर विराम लगाता है
भावनाओं को कुचल देता है
मन की विवशता को
उजागर करता है

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
61-06-05-2-2014
संवाद,सम्बन्ध,विवशता,मज़बूरी,भावनाएं ,जीवन

मंगलवार, 4 फ़रवरी 2014

I am so shy


When ever
You meet me
You smile
Your eyes brighten
Your face turns red
In your heart
You seem to be
Praying
In your mind
Busy dreaming
You forget
To tell me 
What’s n your mind
Keep me guessing
Till the next meeting
I am so shy
Just keep waiting
To hear from you
I love you
Dr.Rajendra Tela,Nirantar
60-05-04-2-2014

Love,wait,shy,dreaming

रविवार, 2 फ़रवरी 2014

प्रेम के उन्माद में


मदमाती
महकती
चली जा रही है
अल्हड षोडशी सी
उछलती कूदती
बेधड़क मचलती
बहे जा रही है
प्रेम के उन्माद में
बहकती जा रही है
प्रियतम से
मिलने जा रही है
भरी जवानी में
लक्ष्य की ओर
बढे जा रही है
प्रेम रस के
साक्षात दर्शन
कराने जा रही है
प्रेम प्यास बुझाने
स्व्यं को मिटाने
जा रही है
जीवन सार्थक
बनाने जा रही है
नदी समुद्र में
समाने जा रही है
नदी से समुद्र
बनने जा रही है
पूर्णता प्राप्त
करने जा रही है 

© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
59-04-02-2-2014

प्रेम,प्यार,मोहब्बत,love,मिलन ,उन्माद
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 

तज़ुर्बा भी कोई चीज़ होती है

अनुभव,तज़ुर्बा भी कोई चीज़ होती है ,जीवन,
58-03-02-2-2014

प्यार,मोहब्बत,चाहत

57-02-02-02-2014