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बुधवार, 10 सितंबर 2014

कौन है




कौन है जिससे कोई

अपराध नहीं हुआ कभी

कौन है जिसने किसी का

हृदय नहीं दुखाया कभी

कौन है जिसे

क्रोध नहीं आया कभी

कौन हैं जिसने

धैर्य नहीं खोया कभी

हर मनुष्य में

कुछ कमियां होती हैं

जो सुधारना चाहता

आत्म मंथन करता है

कमियों को स्वीकारता है

निश्चय करता है

पूर्णता तो

प्राप्त नहीं कर पाता

कमियों को

कम अवश्य कर लेता है

अच्छा मनुष्य 
बनने के पथ पर

एक कदम 
आगे बढ़ाता है 
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
479-19-10--09-2014
आत्म मंथन,कमियां,मनुष्य,जीवन,जीवन मन्त्र,selected

1 टिप्पणी:

  1. इंसान गलतियों का पुतला है .... गलतियां करके सीखता भी है ... कोई गलतियों से अछूता नहीं है ..बहुत सही लिखा है आपने

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