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शुक्रवार, 13 जून 2014

हास्य-व्यंग्य -कल एक अनर्थ हो गया

 हास्य-व्यंग्य -कल एक अनर्थ हो गया 
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कल एक अनर्थ हो गया
पालतू कुत्ते से पूछ लिया
कभी धोखा तो नहीं दोगे
वादा करो
भूले से भी नहीं काटोगे
कुत्ता पहले गुर्राया
फिर दुम हिलाते हुए बोला
मैं आप के नेताओं
जैसा नहीं हूँ
जिस थाली में खाता हूँ
उसमें छेद नहीं करता
पाल पोस कर बड़ा करने
वाले को धोखा नहीं देता हूँ
ईमानदारी का केवल
ढोल नहीं पीटता हूँ
चिकनी चुपड़ी बातों से
बहलाता नहीं हूँ
मालिक के लिए
जान तक दे सकता हूँ
पूरी ज़िम्मेदारी से
कर्तव्य निभाता हूँ
मैदान छोड़ कर
भागता नहीं हूँ
अपना घर छोड़ कर
दूसरों के घर में
गुर्राता नहीं हूँ 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
हास्य व्यंग्य, कुत्ता,नेता .जीवन,

329-27-13--06-2014

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