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शुक्रवार, 4 अप्रैल 2014

सड़क सीधी कदम फिर भी टेढ़े मेढ़े पडते


सड़क सीधी
कदम फिर भी
टेढ़े मेढ़े पडते
सड़क टेढ़ी मेढी
मगर कदम सीधे पड़ते
जो चलते सर उठा कर
घमंड में चूर
बेफिक्र हो कर
कदम उनके
डगमगाने लगते
गिरने पर उठ नहीं पाते
जो आँखें खोल
सर नीचा कर के चलते
कदम साध कर रखते
गिरे बिना लक्ष्य
तक पहुँच जाते
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

170-12--04--04-2014

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