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शुक्रवार, 7 मार्च 2014

शहादत का मूल्य


जब मरता है कोई नेता
झुकाया जाता है झंडा
मनाया जाता है शोक
हो जाता है काम काज बंद
ठहर जाता है देश
जब होता है सरहद पर
देश की रक्षा के खातिर
कोई जवान शहीद
बातों से दुःख जताया जाता
पैसों से लुभाया जाता
फिर ना होगा ऐसा कभी
दुश्मन को सबक
सिखाया जाएगा
निरंतर
विश्वास दिलाया जाता
कोई काम रुकता नहीं
कोई नेता रोता नहीं
कोई कुछ करता नहीं
जब होता है
कुछ समय बाद  फिर
एक और जवान शहीद
फिर से इन्ही बातों को
दोहराया जाता
मगर फिर भी कहीं
कुछ रुकता नहीं
कहीं कुछ ठहरता नहीं
कुछ बदलता नहीं
बस बहते हैं आसूं उनके
जिनका कोई अपना
शहीद होता है
जी भर आता जब
शहादत का मूल्य
देखता हूँ
****
111-04-07-3-2014 
शहीद,देश,देश रक्षा,नेता,मात्र भूमि, शहादत
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर


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