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मंगलवार, 25 मार्च 2014

समझना समझाना


कुछ लोग
निरंतर प्रश्न करते हैं
आपकी कई बातें
हमें समझ नहीं आती हैं
उत्तर में बस
इतना ही कहता हूँ
किसी को
सारी बातें समझाना
सम्भव नहीं होता
कई बार
ह्रदय की बात मन
मन की बात ह्रदय भी 
समझ नहीं पाता

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
139-32-25--3-2014

मन,ह्रदय,संवाद,समझना,समझाना,जीवन,जीवन मन्त्र

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