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सोमवार, 20 जनवरी 2014

ज्ञान कितना भी हो


कैक्टस के फूल तो
बहुत सुन्दर होते हैं
उसे बदनाम किया
उसके काँटों ने
मनुष्य में गुण
कितने भी हो  उसे
बदनाम करती हैं
उसकी आदतें
ज्ञान कितना भी हो
किसी के पास
अगर बांटेगा नहीं तो
मूर्ख ही कहलायेगा
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
28-28-20-01-2014

कैक्टस, गुण,अवगुण,आदत,जीवन,मनुष्य,ज्ञान,जीवन मन्त्र

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