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शनिवार, 4 जनवरी 2014

अर्जुन को कैसे ढूंढें ?


संसार में
हर ओर कौरव तो 
दिखते ही हैं
चोला बदल कर
अब पांडव भी
कौरवों के
कर्म करने लगे हैं 
निरंतर  
तांडव मचाने लगे हैं
कृष्ण भी समझ नहीं
पा रहे होंगे
संहार के लिए 
अर्जुन को 
कहाँ और कैसे ढूंढें 
06-06-04-01-2014
कौरव,अर्जुन,पांडव,कृष्ण,मार्ग दर्शन,जीवन

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर  

शुक्रवार, 3 जनवरी 2014

बड़ा कठिन हो गया है अब रिश्तों को निभाना


बड़ा कठिन हो गया है
अब रिश्तों को निभाना
जिसकी प्रशंसा नहीं करूँ
हाँ में हाँ नहीं मिलाऊँ
वही रूठ जाता है
एक को मनाता हूँ
दूसरा मुंह फिराता है
या तो सबकी
हाँ में हाँ में हाँ मिलाता रहूँ
झूठी प्रशंसा करता रहूँ
या किसी की नहीं मानूं
पर यह मेरे ईमान को
नहीं भाता है
मेरे सच को ललकारता है
फिर क्यों ना
जैसा मेरा मन कहता है
वैसे ही करता रहूँ
दूसरे की खुशी के पीछे
अपने ईमान की बलि
क्यों दूं
जो मुझे समझते हैं
ह्रदय से चाहते हैं
मुझे छोड़ कर नहीं जायेंगे
जो स्वार्थ वश निभा रहे हैं
वो चले भी जाएँ तो
मन को दुःख नहीं होगा
दोगले चेहरों से भी
पीछा छूट जाएगा
रिश्तों का आनंद भी
बढ़ जाएगा
05-05-03-01-2014
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

रिश्ते,प्रशंसा,स्वार्थ,जीवन,जीवन मन्त्र

बुढ़ापे पर कविता-उम्र का एक दिन गुजरता है


उम्र का
एक दिन गुजरता है
एक नया किस्सा
याद आने लगता है
यादों में खोने का समय
पलों से बढ़ कर घंटों में
बदल जाता है   
सोच कर दुखी नहीं
खुश होता हूँ
यादों का सफ़र अगर
ऐसा चलता रहेगा तो
एक दिन ऐसा आयेगा
जब यादों में ही जीना होगा 
वैसे भी ढलते शरीर से
बदलती स्थितियों में
गिरती मानसिकता में
भूले संस्कारों के साथ
उस समय वर्तमान में
कौन जीना चाहेगा
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
04-04-03-01-2014
उम्र,बुढ़ापा ,यादें,जीवन  

गुरुवार, 2 जनवरी 2014

Success

Some celebrate
Success
With lot of noise
Making the
World know about it
Some
With a small smile
Share it only
With people
Around them 
Few celebrate it
Silently
Concentrate
More on the goal
In mind
Move further
On the path of
Karma
With a strong will
To achieve it
03-03-03-01-2014
Karma,success,will,determination,celebration,goal

Dr.Rajendra Tela,Nirantar

बुधवार, 1 जनवरी 2014

नए वर्ष में


नए वर्ष में
नयी यादें जुड़ती हैं
नयी बातें
नयी मुलाकातें होती हैं
नई घटनाएं
नयी सम्भावनाएं
नयी कहानियाँ बनती हैं
नयी अनुभूतियाँ होती हैं
नयी आशाएं जन्म लेती हैं
बदलता नहीं है
तो सोच नहीं बदलता
काश नए वर्ष में
सोच भी नया हो जाता 

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
02-02-01-01-2014

नया साल,नव वर्ष,सोच,आशाएं,सम्भावनाएं ,

Dark shades of deeds


Dark shades of
My deeds
Though very few
Still
Overshadows the
Brighter colors
Of my life
Keeps my
Conscience
Devoid of
Peace
Makes me think
What I should do
So that the bright
Colors
Looks brighter
The dark shades
Become lighter
The only answer
I get from
My conscience is
Do as much good
 As I can
Never fall in trap of
Greed and lust
Stay away from
The evils of the world
01-01-01-01-2014
Evils .life,conscience,greed,lust   

Dr.Rajendra Tela,Nirantar 

मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

My conscience


My conscience
Keeps on pricking me
For my wrong doings
The more I try to
Forget them
More they resurface
In my mind
Snatching peace
From my life
Forcing me
To think of
Paying for my sins
In order to
Make me live
In peace
51-421-31-12-2013
Dr.Rajendra Tela, Nirantar

Life,peace,sins,conscience 

The beauty of simplicity


Your Simplicity
Makes you more beautiful
Than the most beautiful
Melody of your voice
Is melodious than
Any instrument can
Ever play
Your eyes glitter
More than
Any diamond ever seen  
Your face shines
More than
Any ornament ever worn
Your mannerisms
Mesmerizes every eye
Your smile
Captivates every heart
You are the beholder of
Pious beauty
There is no desire
To make you physically mine
I wish you be  
Permanently embossed
In the depths my heart
Offer my prayers to you
As my god
50-420-31-12-2013
simplicity,beauty,god,prayer,
Dr.Rajendra Tela,Nirantar


उनके नहीं होने के उपरान्त भी

(गंभीर रूप से बीमार मेरे पिताश्री को समर्पित )
उनके नहीं
होने के उपरान्त भी
स्व्यं को
असाहय नहीं समझूंगा
उनका आशीर्वाद
सदा मेरे साथ रहेगा
उनके दिए संस्कार
निरंतर मुझे
प्रेरित करते रहेंगे
उनके कर्म
मेरा होंसला बढ़ाएंगे
उनकी सहनशीलता
मुझे पथ से
भटकने नहीं देगी
उनका सदव्यवहार
मुझे मर्यादा में रखेगा
उनके विचार मेरा
मार्ग दर्शन करते रहेंगे
केवल एक बात
चैन से जीने नहीं देगी
सदा विचलित करती रहेगी
उनके साक्षात दर्शन
कभी नहीं होंगे
केवल तस्वीर दिखेगी
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
49-419-31-12-2013


माता,पिता,जीवन,संस्कार,जीवन मन्त्र,म्रत्यु,यादें,मार्ग दर्शन   

Life battles


I sleep
Or
Remain sleepless
Through out the night
Does not bother many
When I share the agony
With friends and family
I get sympathies
But nobody makes me
Sleep comfortably
Some do remain
Asleep for some time
Thinking about
Me and my miseries
But ultimately
I shall have to fight
My battle myself
Do some thing
So that I can
Sleep peacefully
48-418-31-12-2013
Life,difficulties,sleeplessness,sleep,
Motivational,attitude

Dr.Rajendra Tela,Nirantar 

सोमवार, 30 दिसंबर 2013

पूजा

मेरे कदम उस
मंदिर की ओर नहीं उठते
जिसकी दीवारों को
बेईमानी के
पैसों से बनाया गया है
इश्वर की मूर्ती को
ईमान बेच कर
खरीदा गया हो
पुजारी पैसे लेकर
पूजा करता हो
धन बल पर दूसरों से
पहले दर्शन होते हों
अधिक चढ़ावा ही
आस्था का प्रतीक होता है
हर मनुष्य निर्बाध
रूप से जा नहीं सकता
मेरे घर की
छोटी सी ताक में प्रतिष्ठित
इश्वर की छोटी सी मूर्ती ही
मेरी आस्था का प्रतीक है
मेरे मन और ह्रदय को
शान्ति प्रदान करती है
मैं उसकी पूजा में ही
खुश और संतुष्ट हूँ

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
47-417-30-12-2013
जीवन,जीवन मन्त्र,आस्था,परमात्मा,पूजा,मंदिर ,ईश्वर


कल रात चाँद कहने लगा


कल रात 
चाँद कहने लगा
परमात्मा से प्रार्थना करो
मुझे दिन में भी उगने दे
ठंडक पहुंचाने दे
दिन में सूरज मिला
वह भी कहने लगा
परमात्मा से प्रार्थना करो
मुझे रात में भी उगने दे
रात में भी उजाला देने दे
मैंने दोनों से कहा
परमात्मा ने जो भी दिया
उस में खुश हूँ
प्रार्थना तो अवश्य करूंगा
पर अपने लिए
मन में उजाला
ह्रदय में प्रेम माँगूंगा
जीवन में शांति
सहनशीलता की
कामना करूंगा
कर्म करने की शक्ति
धैर्य एवं संतुष्टी माँगूंगा
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
46-416-30-12-2013
जीवन,चाँद,सूरज,प्रार्थना,पूजा,ईश्वर

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

रविवार, 29 दिसंबर 2013

तुम्हारी सादगी में


तुम्हारी सादगी में
वो सुंदरता है
जो सजने संवरने 

से नहीं होती
तुम्हारी आवाज़ में
वो मिठास है
जो किसी साज में 

नहीं होती
किसी हीरे की चमक
तुम्हारे चेहरे की
चमक से
अधिक नहीं होती
तुम्हें अपना
बनाने की नहीं
ह्रदय में
बसाने की चाह होती
अपना इष्ट मान कर
पूजने के इच्छा होती

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
45-415-29-12-2013

सादगी,सुंदरता,खूबसरती,चेहरा,इष्ट,पूजना
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर