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शनिवार, 28 दिसंबर 2013

Helpless


No ambition
No desire
Helpless
He lies
With eyes
Towards the sky
Silently waits
For the
Almighty’s call
To take him
Back
In his fold
Put an end to
His miseries
44-414-28-12-2013
Life,misery,helpless,death,

Dr.Rajendra Tela,Nirantar

शुक्रवार, 27 दिसंबर 2013

No win is permanent


No Win
Is permanent
All defeats are
Temporary
Right attitude
Makes life happy
Contentment
Keeps it
Frustration free
Belief in karma
Turns Defeat
In to Victory
Dr.Rajendra Tela,Nirantar
 43-413-27-12-2013
Life,attitude,defeat,victory,karma

Sleep


The heart 
Keeps beating
The lungs
Keep breathing
Day and night
The mind
Never rests
See's beautiful
Dreams
Even with
Closed eyes
Still we say
We sleep
To get up
Next morning
42-412-27-12-2013
Dr.RajendraTela,Nirantar

Life, sleep 

गुरुवार, 26 दिसंबर 2013

कुछ लोग पल पल साथ रहते हैं


कुछ लोग
हर पल साथ रहते हैं
पर ह्रदय के
समीप नहीं होते हैं
कुछ ऐसे भी होते हैं
जब मिलते हैं
गले लग कर मिलते हैं
जी भर के प्रशंसा करते हैं
पर मन से नहीं चाहते
कुछ लोग संसार में
ऐसे भी होते हैं
जो जिसे चाहते हैं
दूर रह कर भी
ह्रदय से चाहते हैं
पल पल याद करते हैं
ना बता पाते हैं
ना जता पाते हैं
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर   
41-411-26-12-2013
रिश्ते,अभिव्यक्ति,जीवन,चाहना

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 

बुधवार, 25 दिसंबर 2013

I thank god


Though
I Did Not Get 
What I Wished 
I Got 
What I Had Never
Expected
It was much More
Than
What I Had Ever
Wished
I Do Not See Any
Reason
To be Unhappy
For Not Getting
What I Had
Wished
I thank god for his
Generosity
40-410-25-12-2013
Life,wishes,god

Dr.RajendraTela,Nirantar 

She kept on knocking at the door of my heart


She
Kept on knocking
At the door of
My heart
I kept on looking
At her
Through the
Peephole of
My conscience
With only
One question in
My  mind
Opening the door
Will make her happy
Keeping
The door closed
Shall keep my morality
I closed my eyes
Put fingers in my ear
Waited patiently
So that she leaves
Dr.Rajendra Tela,Nirantar
39-409-25-12-2013
Infatuation,love.morality,conscience,
heart,life,luring



मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

ना जाने क्यों भूल जाता हूँ


मेरे घर की खिड़की से
आसमान में
रंग बिरंगे पक्षियों को
मस्ती में उड़ते देखता हूँ
सोचने लगता हूँ 
सारे आसमान में
ऐसा ही खूबसूरत नज़ारा
दिखता होगा
ना जाने क्यों भूल जाता हूँ
आसमान के किसी कौने में
कोई बाज़ कोई गिद्ध
किसी नन्ही चिड़िया की
जान के पीछे पड़ा
झपट्टा मार रहा होगा
ना जाने इंसान
अपनी खुशियों में इतना
क्यों डूब हो जाता है
उसे किसी के दुःख का
ख्याल ही नहीं रहता
38-408-24-12-2013
जीवन,दुःख,सुख,आसमान,पक्षी   

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

मुझे याद कर के आसूं ना बहाना


मुझे याद कर के
आसूं ना बहाना
यादों को कभी
खारा ना करना
जी भर के हँसना गाना
गुणों को याद करना
जीवन में उतार लेना
अवगुणों से दूर रहना
भूले से भी
उन्हें याद ना करना
एक अहसान ज़रूर करना
दुनिया से जाने के बाद भी
मुझसे प्यार करते रहना
ज़न्नत में भी मुझे
सुकून देते रहना
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
37-407-24-12-2013
यादें,जीवन,गुण ,अवगुण

सोमवार, 23 दिसंबर 2013

कोहरा अपनी पर आ जाए


कोहरा
अपनी पर आ जाए
सूरज भी छिप जाता है
धूल का एक कण
आँख में गिर जाए
जीना दूभर कर देता है 
खंज़र भी वह
काम नहीं कर सकता
जो एक सुई कर
सकती है
चीटी वहाँ पहुँच जाती है
जहां हाथी
नहीं 
पहुँच कता 
बलशाली होना ही 
जीवन में
सब कुछ नहीं होता
बल से ही मनुष्य
बलवान नहीं होता 
36-406-23-12-2013
जीवन,जीवन,मन्त्र,बल,निर्बल

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

रविवार, 22 दिसंबर 2013

I shall be near you


Neither
I want to know
What you dream
Nor I want to know
What you like
I want to know
What your heart desires
I want to know
What makes you smile?
I want to know
What keeps you happy?
If you feel
It is worth sharing
Your thoughts with me
Remember me
I shall be near you
To make you smile
Keep you happy
Throughout your life
Dr.Rajendra Tela,Nirantar.
35-405-22-12-2013
Life,love,company,  


जब दुखों के बहाने स्व्यं सहेजे मैंने


जब दुखों के बहाने
स्व्यं सहेजे मैंने
किसी को दोष कैसे दूं
मीठी बातों
सुन्दर चेहरों को
सच माना मैंने
किसी को कसूरवार
कैसे कहूँ 
सत्य का पथ छोड़ा मैंने
स्वार्थ को
निरंतर पाला मैंने
इच्छाओं को संजोया मैंने
क्रोध को मित्र बनाया मैंने
अपेक्षाओं के भंवर में
गोते लगाता रहा 
कर्म से जी चुराता रहा 
मोह माया के
जाल में फंसता रहा
जब दुखों के बहाने
स्व्यं सहेजे मैंने
किसी को दोष कैसे दूं 

© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
34-404-22-12-2013
जीवन,सुख,दुःख ,सत्य,जीवन मन्त्र

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर