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शनिवार, 23 नवंबर 2013

तुम भी दुआ करते हो


तुम भी
दुआ करते हो
मैं भी
दुआ करता हूँ
दोनों उसके लिए
दुआ करते हैं
जिसके लिए मन
करता है
सोचता हूँ
जब देना हमारे
हाथ में नहीं
फिर क्यों ना
सब के लिए 
दुआ करें


© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
 
30-367-23-11-2013
दुआ,जीवन

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

ना तो सर पर किसी का हाथ है


न तो सर पर
किसी का हाथ 
न ही किसी का झूठ
मेरे साथ 
झूठी प्रशंसा करना
तलुए चाटना 
मुझे आता नहीं
काले को काला
सफ़ेद को 
सफ़ेद कह कर
पैरों पर कुल्हाड़ी भी 
मार लेता हूँ
एक कदम आगे बढ़ता हूँ
दो कदम
पीछे कर दिया जाता हूँ
फिर भी हार नहीं मानता हूँ
जिस पथ पर चलते चलते
यहाँ तक पहुंचा हूँ
उस पथ पर चलता रहूँगा
जहाँ तक भाग्य में लिखा है
वहाँ तक पहुँच जाऊंगा
कम में संतुष्ट हो जाऊंगा
पर सच का पथ नहीं छोडूंगा
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
29-366-23-11-2013
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

सत्य,जीवन,जीवन मन्त्र ,संतुष्टि ,भाग्य

शुक्रवार, 22 नवंबर 2013

In Hope

Severe heat
Snatched smile
From the faces
Turned happiness
Into gloom
Leaves on the trees
Started drying
All hearts praying
In hope
Eyes glued to the sky
Eagerly waiting for the
Dark clouds to come
Pour water
Quench the thirsty lips
Of the dry earth
Bring back the
The lost smile on
The faces
29-366-22-11-2013
Dr.Rajendra Tela,Nirantar
Water,Rain,Life,Prayer,Hope


I have the guts to admit


At times
I am too harsh
At times very soft
Sometimes I take
A middle path
When I introspect
I find
I am as double faced
As most of the people
I am harsh with People
Whom I do not have
Any affinity
I am soft with People
Whom I like
I take a middle path
When it suits me
Still I am happy
I have the guts
 To admit
I am wrong
Many times
28-365-22-11-2013
Dr.Rajendra Tela,Nirantar

Life,Guts,Double Faced,Honesty ,Confession 

ख़ामोशी से सहने की आदत


ख़ामोशी से
सहने की आदत
ना मेरी मज़बूरी है
ना ही मेरी कमज़ोरी है
यह तो दुश्मनों को
हँसते हँसते परास्त
करने की ताकत है
वो वार करते करते
थक जायेंगे
थक कर निढाल
हो जायेंगे
जब तक सहने को
कुछ बचेगा ही नहीं
तब भी ख़ामोशी से
सहने की
आदत बदलेगी नहीं

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
27-364-22-11-2013
जीवन,जीवन मन्त्र,सहना,सहनशीलता

चेहरा तो खुदा ने सुन्दर दिया तुझ को


चेहरा तो खुदा ने
सुन्दर दिया तुझ को
थोड़ा सा मन को भी
सुन्दर बना ले
रिश्ता भले ही
ना जोड़ मुझ से
कुछ लम्हे हँस कर
बात तो कर ले
गर इस पर भी
ऐतराज़ तुझ को
तो एक बार
मुस्कराकर ही देख ले
दिल को नहीं तो
आँखों को तो 
राहत दे दे
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
26-363-22-11-2013
मन,सुंदरता,शायरी,राहत,

गुरुवार, 21 नवंबर 2013

ना मान चाहूँ ना सम्मान चाहूँ


न मान चाहूँ
न सम्मान चाहूँ
जीवन में 
केवल चैन चाहूँ 
लोगों के सुख में सुख पाऊँ
दुःख में उनका साथ निभाऊं
न क्रोध आये
न मन में बैर लाऊं
हँसता मुस्काराता
लोगों के काम आऊं
कर्म पथ पर 
चलते चलते 
संसार से विदा हो जाऊं
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
25-362-21-11-2013

धैर्य,चैन,मान,सम्मान,जीवन मन्त्र ,कर्म,क्रोध

बुधवार, 20 नवंबर 2013

गर सुकून मिल भी जाए कभी



बेचैनियाँ इतनी मिली
ज़िन्दगी में
गर सुकून मिल भी 
जाए रास्ते में कभी
पहचान नहीं पाऊंगा
अजनबी समझ
बगल से निकल जाऊंगा
इतना सताया
ज़िन्दगी में सुकून ने 
पहचान भी लूं
तो दोस्ती नहीं करूंगा
बेचैनियों से
बेवफ़ाई नहीं कर सकता
जिन्होंने ज़िन्दगी भर
मेरा साथ निभाया 


© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

24-361-20-11-2013
मोहब्बत,बेवफाई,सुकून,बेचैनियाँ,शायरी,

मंगलवार, 19 नवंबर 2013

कोई माने ना माने सच तो है


कोई माने ना माने
सच तो है
अब वो सीने
ही नहीं बचे जो
निस्वार्थ किसी को
सीने से लगा ले
अब वो ह्रदय भी
नहीं बचे हैं
जो अनजाने पर
प्यार लुटा दे
अब वो
मन भी नहीं बचे हैं
जो दूसरों के दुःख में
विचलित होते हैं
अब वो मनुष्य भी
कहाँ बचे हैं
जो बचपन से
बुढ़ापे तक
मनुष्य ही रहते हैं
अब बचे हैं
केवल ऐसे लोग जो
समय के साथ
चलते हैं
अपने लिए जीते हैं
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
23-360-19-11-2013
जीवन,लोग,मनुष्य,

इंसान जब तक इंसान बन कर रहे


रंग काला हो या गोरा
कद लंबा हो या नाटा
साफ़ सुथरे रहो तो
ज़िस्म खुश्बू देता है
मैले कुचले रहो तो
बदबू देता है
इंसान जब तक
इंसान बन कर रहे
महकता रहता है
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
22-359-19-11-2013
जीवन,इंसान,मनुष्य

मिला जब बरसों बाद उनसे


मिला जब
बरसों बाद उनसे
ना उनके चेहरे पर
हँसी थी
ना मेरे चेहरे पर 
खुशी थी
समझ नहीं आया
क्यूं फिर इतनी दूरी थी
क्या गलतफहमी थी
जब बह रहे थे
दोनों गम की नदिया में
फिर क्यूं दो धाराएं थी
क्या वो भी यही
सोचते होंगे
जो मैं सोचता हूँ
कब धाराएं मिल कर
फिर एक होगी
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
21-358-19-11-2013
जीवन,सम्बन्ध,रिश्ता,रिश्ते, गलतफहमी

सोमवार, 18 नवंबर 2013

लोगों ने कभी चैन से जीने ना दिया


लोगों ने 
कभी चैन से
जीने ना दिया
हारा तो मुझे ही
कसूरवार 
ठहराया गया
जीता तो सेहरा
दूसरों के 
सर बांधा गया
मैं भी ढीठ बना रहा
लोगों की बातों को
हवा में उड़ाता रहा
हार जीत की
परवाह करे बिना
निरंतर 
कर्म पथ पर
चलता रहा    
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
20-357-18-11-2013
हार जीत,जीवन,चैन,जीवन मन्त्र, कर्म