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सोमवार, 9 दिसंबर 2013

उनके मौन हो जाने से

उनके 
मौन हो जाने से
उनकी कही बातें
मौन नहीं हो जाती
उनके कर्म 
प्रेरित करना  
बंद नहीं करते
उनका व्यवहार
मुझे अपना व्यवहार
बदलने के लिए बाध्य
करना नहीं छोड़ता
वो अब संसार में नहीं हैं
तो भी उनका सोच
मुझे राक्षस नहीं
बनने देता
मनुष्य के रूप में
अब भी अगर मनुष्य
बन कर जी रहा हूँ
उन महापुरुषों से
प्रेरित होने के कारण हूँ
जो खुद से अधिक
दूसरों के लिए जिए
जब तक जिए
निस्वार्थ जिए
संसार से गए तो भी
दूसरों के लिए गए


© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
 
11-381-09-12-2013
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

जीवन,प्रेरणा,महापुरुष,,निस्वार्थ,    

1 टिप्पणी:

  1. सच मे ऐसे लोग हमेशा प्रेरणा देते रहते है....और एक सुगंधित वातावरण बनाये रखते है मरणोपरांत भी...

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