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मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

उनके नहीं होने के उपरान्त भी

(गंभीर रूप से बीमार मेरे पिताश्री को समर्पित )
उनके नहीं
होने के उपरान्त भी
स्व्यं को
असाहय नहीं समझूंगा
उनका आशीर्वाद
सदा मेरे साथ रहेगा
उनके दिए संस्कार
निरंतर मुझे
प्रेरित करते रहेंगे
उनके कर्म
मेरा होंसला बढ़ाएंगे
उनकी सहनशीलता
मुझे पथ से
भटकने नहीं देगी
उनका सदव्यवहार
मुझे मर्यादा में रखेगा
उनके विचार मेरा
मार्ग दर्शन करते रहेंगे
केवल एक बात
चैन से जीने नहीं देगी
सदा विचलित करती रहेगी
उनके साक्षात दर्शन
कभी नहीं होंगे
केवल तस्वीर दिखेगी
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
49-419-31-12-2013


माता,पिता,जीवन,संस्कार,जीवन मन्त्र,म्रत्यु,यादें,मार्ग दर्शन   

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