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सोमवार, 30 दिसंबर 2013

कल रात चाँद कहने लगा


कल रात 
चाँद कहने लगा
परमात्मा से प्रार्थना करो
मुझे दिन में भी उगने दे
ठंडक पहुंचाने दे
दिन में सूरज मिला
वह भी कहने लगा
परमात्मा से प्रार्थना करो
मुझे रात में भी उगने दे
रात में भी उजाला देने दे
मैंने दोनों से कहा
परमात्मा ने जो भी दिया
उस में खुश हूँ
प्रार्थना तो अवश्य करूंगा
पर अपने लिए
मन में उजाला
ह्रदय में प्रेम माँगूंगा
जीवन में शांति
सहनशीलता की
कामना करूंगा
कर्म करने की शक्ति
धैर्य एवं संतुष्टी माँगूंगा
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
46-416-30-12-2013
जीवन,चाँद,सूरज,प्रार्थना,पूजा,ईश्वर

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

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