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शुक्रवार, 22 नवंबर 2013

ख़ामोशी से सहने की आदत


ख़ामोशी से
सहने की आदत
ना मेरी मज़बूरी है
ना ही मेरी कमज़ोरी है
यह तो दुश्मनों को
हँसते हँसते परास्त
करने की ताकत है
वो वार करते करते
थक जायेंगे
थक कर निढाल
हो जायेंगे
जब तक सहने को
कुछ बचेगा ही नहीं
तब भी ख़ामोशी से
सहने की
आदत बदलेगी नहीं

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
27-364-22-11-2013
जीवन,जीवन मन्त्र,सहना,सहनशीलता

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