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शनिवार, 2 नवंबर 2013

कही बात,लिखी बात,सुनी बात


कही बात,
लिखी बात,सुनी बात
समझ नहीं आये
मन को नहीं भाये
तो व्यर्थ है
समझ आ जाए
मन को भा जाए तो
कहने वाले लिखने वाले
सुनाने वाले का
उद्देश्य सफल है
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
 02-342-02-11-2013
संवाद,बात चीत,लिखना,कहना,सुनना,जीवन ,समझना, 

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