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मंगलवार, 19 नवंबर 2013

मिला जब बरसों बाद उनसे


मिला जब
बरसों बाद उनसे
ना उनके चेहरे पर
हँसी थी
ना मेरे चेहरे पर 
खुशी थी
समझ नहीं आया
क्यूं फिर इतनी दूरी थी
क्या गलतफहमी थी
जब बह रहे थे
दोनों गम की नदिया में
फिर क्यूं दो धाराएं थी
क्या वो भी यही
सोचते होंगे
जो मैं सोचता हूँ
कब धाराएं मिल कर
फिर एक होगी
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
21-358-19-11-2013
जीवन,सम्बन्ध,रिश्ता,रिश्ते, गलतफहमी

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