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मंगलवार, 22 अक्तूबर 2013

हर सपना पूरा नहीं होता


ना मंजिल मिली
ना तमन्नाएं पूरी हुयी
ज़िन्दगी की 
हकीकत से रूबरू 
ज़रूर हो गया
ज़िन्दगी का हर राज़ 
पता चल गया
उम्मीदों का सफ़र
कितना लंबा होता
हर सपना पूरा नहीं होता
न चाहने से कुछ हुआ
ना रोने से कुछ हुआ
अब जान गया हूँ
जो भी होता है
सब्र और 
ज़ज्बे से होता है
जब खुदा चाहता है
तब होता है
डा.राजेंद्र तेला निरंतर
16--323-22-10-2013


सब्र,ज़ज्बा,जिंदगी,जीवन जीवन मन्त्र 

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