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मंगलवार, 1 अक्तूबर 2013

पक्षी भी संवेदनशील होते हैं


महकते फूलों
बहती पुरवाई के बीच
एक तोते को 
आँखों से 
नीर बहाते देखा
कई तोतों से घिरे देखा
मन विचलित हुआ
रहा ना गया
तोते  से उदासी का
कारण पूछा
तोता बोला प्रियतमा के
विरह में डूबा हूँ
यादों में खोया हूँ
इश्वर से
उसकी आत्मा की
शांति के लिए
प्रार्थना कर रहा हूँ
मित्र दुःख
प्रकट करने आये हैं
उसकी बात पर मुझे
विश्वास नहीं हुआ
मैंने हँसते हुए 
प्रश्न किया
क्या पक्षी भी
संवेदनशील होते हैं
तोता बोला
मनुष्यों से अधिक होते हैं
भले ही सहारा ना दे पाएं
पर दूसरे के दुःख में
कभी खुश नहीं होते हैं
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
01--309-01-10-2013
तोता,पक्षी,संवेदनशीलता,जीवन,जीवन मन्त्र


6 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस उत्तम रचना को हिंदी बलोगेर्स चौपाल पर शामिल किया हैं कृपया पधारे "http://hindibloggerscaupala.blogspot.com/"> {शुक्रवार} 4/10/2013

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  2. सुंदर और सार्थक रचना-----
    उत्कृष्ट प्रस्तुति
    सादर

    आग्रह है सम्मलित हों
    पीड़ाओं का आग्रह---
    http://jyoti-khare.blogspot.in

    उत्तर देंहटाएं