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शनिवार, 10 अगस्त 2013

क्या खोया क्या पाया

क्या खोया 
क्या पाया जिंदगी में 
अब तो जान लो 
अब तक हिसाब नहीं 
लगाया हो 
तो अब लगा लो 
कितनो का दिल दुखाया 
कितनों को दुश्मन बनाया 
अब तो दिल टटोल लो
कितनों को दोस्त बनाया 
कितनों को रोते से हंसाया
अब तो मालूम कर लो
प्यार मोहब्बत को 
जीने का सबब बनाया
या मन में 
नफरत को बसाया 
अब तो मन से पूछ लो 
अहम् में जीते रहे
हैवान को चाहते रहे
या इश्वर में 
विश्वास रखते रहे
उसके बताये पथ पर 
चलते रहे
ह्रदय से पूछ लो 
कोई नहीं जानता 
कब तक जीओगे 
संसार से जाने से पहले 
सच्चाई जान लो 
देर होने से पहले  
भूल सुधार कर लो
क्या खोया क्या पाया 
जिंदगी में 
अब तो जान लो
अब तक हिसाब नहीं 
लगाया हो 
तो अब लगा लो
 डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
37-176-10-08-2013

नफरत,प्यार,जिंदगी,जीवन,मन,ह्रदय ,ईश्वर

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