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गुरुवार, 8 अगस्त 2013

अर्थ का अनर्थ


आज अर्थ का
अनर्थ हो गया
मित्र से वार्तालाप
वाकयुद्ध में बदल गया
असहनशीलता ने
जिव्ह्वा से नियंत्रण
समाप्त कर दिया
मुंह से
अपशब्द निकल गया
रिश्तों में नफरत का
बीज पड़ गया
वार्तालाप झगडे में
बदल गया 
मनमुटाव बढ़ता गया
मित्र दुश्मन बन गया
असहनशील होना
जिव्ह्वा से नियंत्रण खोना 
बहुत महँगा सिद्ध हुआ
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर   
25-164-8-08-2013
असहनशीलता,मित्र,मित्रता,दुश्मन,दोस्त,जीवन,

मनमुटाव ,अर्थ का अनर्थ,वाकयुद्ध,वार्तालाप
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर   

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