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बुधवार, 21 अगस्त 2013

हर ओर मेला ही मेला


हर ओर
मेला ही मेला
ह्रदय में,मन में,
मस्तिष्क में
रंग बिरंगा मदमाता
लुभाता मेला
इच्छाओं के नित नए
सपने दिखाता मेला
सागर जैसा लहराता
लहरों सा मचलता
हवाओं सा बहता मेला
ज़िन्दगी भर भरमाता
आशाओं का मेला
हर ओर मेला ही मेला
74-211-21-08-2013
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

जीवन अमृत ,इच्छाएं,सपने,मेला,लुभाना,भ्रम,भरमाना

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