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शनिवार, 24 अगस्त 2013

तुम उदास भी होती हो तो


तुम उदास भी 
होती हो तो
सुन्दर लगती हो
तुम्हारी आँखों की
चमक तो
 कम हो जाती है
पर उनकी नीली
गहराइयाँ
कम नहीं होती
तुम दुपट्टे से
मुंह छुपाती हो तो भी
तुम्हारे चेहरे की
आभा छुप नहीं पाती
तुम्हारे चुप रहने से भी
तुम्हारी सुन्दरता
कम नहीं होती 
सौंदर्य प्रसाधनों के 
बिना भी
तुम्हारा चेहरा ,
सौन्दर्य की पराकाष्ठा
प्रतीत होता है 
वैसे भी
तुम्हारा हर रूप
मुझे भाता है
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
84-221-24-08-2013

उदासी,उदास,सुन्दरता,सौन्दर्य ,मोहब्बत,प्यार 

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