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शनिवार, 17 अगस्त 2013

बने कई दोस्त जिंदगी के सफ़र में


बने कई  दोस्त
जिंदगी के सफ़र में
साथ चले
कई दोस्त सफ़र में
बिछड़ गए
कुछ दोस्त सफ़र में
साथ रह गए
कुछ दोस्त सफ़र में
वक़्त रुका नहीं
सफ़र चलता रहा
किसी ना किसी  के
दिल का धड़कना रुका
सफ़र में
वही रुक गया
चलते चलते सफ़र में
छोड़ गया बहुतों को
अकेला सफ़र में
बिछुड़ गया बहुतों से
सफ़र में
दिल से चाहा
जिसको भी उसने
या चाहा उसे भी जिसने
रुलाने को बस रह गया
उसकी यादों का साथ
सफ़र में

डा.राजेंद्र तेला ,निरंतर
65-202-17-08-2013

सफ़र,जिंदगी,याद,यादें,दोस्त,बिछड़ना, जीवन 
डा.राजेंद्र तेला ,निरंतर

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