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शुक्रवार, 9 अगस्त 2013

उन पर कोई रोक नहीं


वो मुझे चाहे ना चाहे
उन पर कोई रोक नहीं
मैं उनको चाहता रहूँगा
वो ह्रदय को काबू  में
कर सकते हैं
खुद की भावनाओं से
खुद ही खेल सकते हैं
मेरे बस में
ऐसा करना संभव नहीं
वो कुंठा में जी सकते हैं
मेरे लिए कुंठित रहना
मुमकिन नहीं
वो चेहरे पर चेहरा
चढ़ा सकते हैं
मन ही मन रो सकते हैं
ऐसा मेरा स्वभाव नहीं
33-172-9-08-2013
स्वभाव,फितरत,चाहत,कुंठा,कुंठित,जीवन,चेहरे पर चेहरा चढ़ाना, भावनाएं

 डा.राजेंद्र तेला ,निरंतर 

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