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मंगलवार, 6 अगस्त 2013

छुपाना नहीं गर नफरत पल रही दिल में


छुपाना नहीं
गर नफरत पल रही दिल में
दबाना नहीं
गर चिंगारियां सुलग रही मन में
कह देना
साफ़ साफ़ जो चल रहा दिल में
कहीं ऐसा न हो
चिंगारियां बेकाबू हो नफरत की
आग भड़का दे
पनपने से पहले रिश्तों को तोड़ दे
हसरतों के
परवान चढ़ने से पहले हमें जुदा कर दे
छुपाना नहीं
गर नफरत पल रही दिल में
दबा कर
रखना नहीं चिंगारियां मन में
20-159-5-08-2013
प्यार,मोहब्बत,नफरत,जिंदगी,रिश्ते,जीवन

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

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