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रविवार, 11 अगस्त 2013

किसका मन कहना मानता है

किसका मन 
कहना मानता है
जो मेरा मन मानेगा 
कितना भी समझाओ
समझता नहीं है
लाख सर फुटव्वल करो
मान मनुहार करो
जिद पर अड़ जाए तो
बच्चा बन जाता है 
जच जाए तो
पल में मान जाता है
नहीं जचे तो
सालों रुलाता है
किसका मन 
कहना मानता है
जो मेरा मन मानेगा 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर  
42-181-11-08-2013
मन, जीवन

3 टिप्‍पणियां:

  1. आपने लिखा....
    हमने पढ़ा....
    और लोग भी पढ़ें;
    इसलिए बुधवार 14/08/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in ....पर लिंक की जाएगी.
    आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....
    लिंक में आपका स्वागत है .
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  2. मन के मतै न चालिये,छाँड़ि जीव की बानि,
    ताकू केरे सूत ज्यूं ,उलटि अपूठा आनि !(कबीर)

    उत्तर देंहटाएं