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बुधवार, 24 जुलाई 2013

यादें सावन के मौसम से कम नहीं होती


यादें सावन के
मौसम से कम नहीं होती
कभी तेज़ बारिश जैसे
मन के हर कौने को
सरोबार करती
कभी रिमझिम बरसती
मन को लुभाती
कभी बरसने की
उम्मीद दिला कर भी
नहीं बरसती
आधी अधूरी रहती
मन में बेचैनी पैदा करती
कभी काले बादलों की
गडगडाहट
कडाके की बिजली
बन कर डराती
यादें सावन के
मौसम से कम नहीं होती
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
32-124-24-07-2013

यादें,सावन,याद,मौसम

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