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बुधवार, 24 जुलाई 2013

निश्चय अटल है


जगत में
अन्धकार घना है
मगर मन 
उजाले से भरा है
ऊर्जा से उफन रहा है
पथ कठिन है
मगर निश्चय अटल है
धमनियों में 
उबलता रक्त है
अवरोध पथ से डिगाएंगे
हर पल डराएंगे
मगर हम 
हार नहीं मानेंगे
ना ही घबराएंगे
लक्ष्य अवश्य पाएंगे
विजय पताका 
फहराएंगे
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
31-123-24-07-2013
निश्चय,लक्ष्य,जीवन,कर्म,अटल ,हार ,जीत,विजय

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