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शनिवार, 20 जुलाई 2013

क्या अधूरा नहीं है


क्या अधूरा नहीं है
इच्छाएं अधूरी रहती हैं
आशाएं अधूरी रहती हैं
ज्ञान अधूरा रहता है
भावनाएं अधूरी रहती हैं
कोई रिश्ता पूरा नहीं होता
कोई मनुष्य सम्पूर्ण नहीं
जीवन भी सब का पूरा नहीं
हर बात अधूरी रहती है
फिर रोना किस बात का
क्यों पूर्णता के
भ्रमजाल में फंसते हो
आकाश छूना चाहते हो
मन की व्यथा बढाते हो
अधूरे को भी आधा करते हो
जितना कर सकते हो
उतना अवश्य करो
संतुष्ट रहना भी सीख लो
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
24-116-20-07-2013
अधूरा,अधूरी,संतुष्ट,असंतुष्ट ,जीवन,पूर्णता

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