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रविवार, 14 जुलाई 2013

उम्र में बड़ा होना तुम्हें अधिकार नहीं देता


उम्र में बड़ा होना
तुम्हें अधिकार नहीं देता
छोटों को
कुछ भी कह दो तुम
अपना बचपन याद करो
उचित बात पर भी
जब बड़ों की
उचित अनुचित बात
सुनते थे तुम
मन में तिलमिला कर
चुप रह जाते थे तुम
समय बदल गया 
सोच बदल गयी 
इतना सा याद रख लो तुम
सम्मान पाना है तो
सम्मान देना पडेगा
कब कहना ,कितना कहना
किस को कहना ,क्या कहना 
ध्यान रखना होगा
बस इतना सा समझ लो तुम
यह सीख नहीं
जीवन का अनुभव है
जितना औरों ने सहा
उतना नहीं सहना है तो
उम्र में छोटों के मन को
समझना प्रारम्भ कर दो तुम
उनसे कम से कम
कहना सीख लो तुम
15-107-13-07-2013
उम्र,जीवन,छोटा,बड़ा,

 डा.राजेंद्र तेला,निरंतर  

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