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मंगलवार, 23 अप्रैल 2013

सच कह देता हूँ



मैं जानता हूँ
तुम मुझसे सदा
नाराज़ रहोगे
मुझसे नफरत करोगे
मेरी हर बात को
नापसंद करोगे
मन में जानते हो
मगर अहम् से भरे हो
इसलिए कभी सच को
स्वीकार नहीं करोगे
मैं सच कह देता हूँ
इसलिए मुझे
कभी नहीं चाहोगे
30-86-16-02-2013
सच,अहम्.नफरत,रिश्ते
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

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