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सोमवार, 25 मार्च 2013

महाकाव्य लिखने के प्रयास में



महाकाव्य
लिखने के प्रयास में
चंद कवितायें तक
नहीं लिख सका
कलम तो थकी नहीं
हिम्मत का कागज़
जवाब दे गया
अपनों के
प्रतिकार से सहम कर
सदा की तरह चुप
हो गया
खुद के दुखों को
बाज़ार करने से
बच गया
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
45-45-24-01-2013
हिम्मत, प्रतिकार

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही बेहतरीन अभिव्यक्ति,आभार.

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  2. लेखक चुप नहीं होता ...कुछ वक्त के लिए विराम लेता है

    उत्तर देंहटाएं