ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

रविवार, 17 फ़रवरी 2013

कभी कभी जीवन में




कभी कभी जीवन में
ऐसे क्षण भी आते हैं 
जब अपने भी पराये
लगते हैं
रिश्ते नाते अविश्वास के
घेरे में घिर जाते हैं
आशाओं के आकाश
निराशा के बादलों से
ढक जाते हैं
भावनाओं के बाँध
टूट जाते हैं
केवल आसूं ही मनुष्य
का साथ निभाते हैं
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर ,अजमेर 
966-84-19-12-2012
रिश्ते नाते,अविश्वास,विश्वास, जीवन, आशा ,निराशा

3 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह बेहतरीन रचना बुधवार 20/02/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं