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मंगलवार, 22 जनवरी 2013

जब दिल टूट जाता हैं



जब दिल टूट जाता हैं
शहर अजनबी लगता
रास्ते अजनबी लगते
लोग अजनबी लगते
सिर्फ बेवफाई के
अफ़साने याद रहते
क्यूं मोहब्बत का
ज़हर पीया था
ख्याल तंग करते हैं
तन्हाई साथ निभाती
हर चेहरे पर उम्मीद की
रोशनी नज़र आती
कोई तो कह दे
वो भूले नहीं हैं
अब भी याद करते हैं
लौटने की
ख्वाहिश रखते हैं
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
920-38-08-12-2012
अफ़साने,तन्हाई,दिल,मोहब्बत, याद

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