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गुरुवार, 3 जनवरी 2013

पवित्र प्रेम



पवित्र प्रेम
ईश्वरीय देन
नव जन्मे
बच्चे के ह्रदय सा
मक्खी के ताजे शहद सा
पत्तों पर ओस सा
पहाड़ों पर बर्फ सा
पवित्रता अमर
सुगंध अमिट होती है
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
878-62-28-11-2012
 प्रेम,पवित्र प्रेम

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