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रविवार, 20 जनवरी 2013

कभी मन से भी तो पूछ लो



कभी मन से भी तो
पूछ लो
क्या इतनी तंगदिली
अच्छी
कभी दिल से भी पूछ लो
क्या हमसे
इतनी नफरत अच्छी
गर कह दे दिल तुम्हारा
यूँ ही
नफ़रत करते रहो हमसे
तो खामोश मत रहना
साफ़ साफ़ कह देना
हम समझ जायेंगे
गर दिल ना माना बात
तुम्हारी
तो दिल से वादा करना
मुस्काराते चेहरे से
हमें माफ़ कर दोगे
चेहरे की
हँसी फिर लौटा दोगे
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर  
914-32-08-12-2012
नफरत,तंगदिली,प्यार

1 टिप्पणी:

  1. "कभी मन से भी तो
    पूछ लो
    क्या इतनी तंगदिली
    अच्छी...."

    एकदम नहीं.....
    सुन्दर भावभिव्यक्ति...

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