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शुक्रवार, 11 जनवरी 2013

एकांत



फूलों की सुगंध
पक्षियों की चचहाहट
कल कल करते
झरनों की ध्वनि
गर्मी की दोपहर में
शीतल वायु का स्पर्श
किस को अच्छा नहीं
लगता
पर मन व्यथित हो
तो कुछ नहीं भाता 
केवल एकांत भाता
अकेलापन साथ निभाता


डा.राजेंद्र तेला,निरन्तर
891-10-03-12-2012
एकांत, अकेलापन,मन

3 टिप्‍पणियां:

  1. अकेलापन में कुछ भाता नहीं -सही कहा आपने .
    New post : दो शहीद

    उत्तर देंहटाएं
  2. सच जब मन ही कलांत हो तो कहाँ कुछ अच्छा लगता है ..बहुत बढ़िया भाव

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज शनिवार (12-1-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
    सूचनार्थ!

    उत्तर देंहटाएं