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मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

My conscience


My conscience
Keeps on pricking me
For my wrong doings
The more I try to
Forget them
More they resurface
In my mind
Snatching peace
From my life
Forcing me
To think of
Paying for my sins
In order to
Make me live
In peace
51-421-31-12-2013
Dr.Rajendra Tela, Nirantar

Life,peace,sins,conscience 

The beauty of simplicity


Your Simplicity
Makes you more beautiful
Than the most beautiful
Melody of your voice
Is melodious than
Any instrument can
Ever play
Your eyes glitter
More than
Any diamond ever seen  
Your face shines
More than
Any ornament ever worn
Your mannerisms
Mesmerizes every eye
Your smile
Captivates every heart
You are the beholder of
Pious beauty
There is no desire
To make you physically mine
I wish you be  
Permanently embossed
In the depths my heart
Offer my prayers to you
As my god
50-420-31-12-2013
simplicity,beauty,god,prayer,
Dr.Rajendra Tela,Nirantar


उनके नहीं होने के उपरान्त भी

(गंभीर रूप से बीमार मेरे पिताश्री को समर्पित )
उनके नहीं
होने के उपरान्त भी
स्व्यं को
असाहय नहीं समझूंगा
उनका आशीर्वाद
सदा मेरे साथ रहेगा
उनके दिए संस्कार
निरंतर मुझे
प्रेरित करते रहेंगे
उनके कर्म
मेरा होंसला बढ़ाएंगे
उनकी सहनशीलता
मुझे पथ से
भटकने नहीं देगी
उनका सदव्यवहार
मुझे मर्यादा में रखेगा
उनके विचार मेरा
मार्ग दर्शन करते रहेंगे
केवल एक बात
चैन से जीने नहीं देगी
सदा विचलित करती रहेगी
उनके साक्षात दर्शन
कभी नहीं होंगे
केवल तस्वीर दिखेगी
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
49-419-31-12-2013


माता,पिता,जीवन,संस्कार,जीवन मन्त्र,म्रत्यु,यादें,मार्ग दर्शन   

Life battles


I sleep
Or
Remain sleepless
Through out the night
Does not bother many
When I share the agony
With friends and family
I get sympathies
But nobody makes me
Sleep comfortably
Some do remain
Asleep for some time
Thinking about
Me and my miseries
But ultimately
I shall have to fight
My battle myself
Do some thing
So that I can
Sleep peacefully
48-418-31-12-2013
Life,difficulties,sleeplessness,sleep,
Motivational,attitude

Dr.Rajendra Tela,Nirantar 

सोमवार, 30 दिसंबर 2013

पूजा

मेरे कदम उस
मंदिर की ओर नहीं उठते
जिसकी दीवारों को
बेईमानी के
पैसों से बनाया गया है
इश्वर की मूर्ती को
ईमान बेच कर
खरीदा गया हो
पुजारी पैसे लेकर
पूजा करता हो
धन बल पर दूसरों से
पहले दर्शन होते हों
अधिक चढ़ावा ही
आस्था का प्रतीक होता है
हर मनुष्य निर्बाध
रूप से जा नहीं सकता
मेरे घर की
छोटी सी ताक में प्रतिष्ठित
इश्वर की छोटी सी मूर्ती ही
मेरी आस्था का प्रतीक है
मेरे मन और ह्रदय को
शान्ति प्रदान करती है
मैं उसकी पूजा में ही
खुश और संतुष्ट हूँ

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
47-417-30-12-2013
जीवन,जीवन मन्त्र,आस्था,परमात्मा,पूजा,मंदिर ,ईश्वर


कल रात चाँद कहने लगा


कल रात 
चाँद कहने लगा
परमात्मा से प्रार्थना करो
मुझे दिन में भी उगने दे
ठंडक पहुंचाने दे
दिन में सूरज मिला
वह भी कहने लगा
परमात्मा से प्रार्थना करो
मुझे रात में भी उगने दे
रात में भी उजाला देने दे
मैंने दोनों से कहा
परमात्मा ने जो भी दिया
उस में खुश हूँ
प्रार्थना तो अवश्य करूंगा
पर अपने लिए
मन में उजाला
ह्रदय में प्रेम माँगूंगा
जीवन में शांति
सहनशीलता की
कामना करूंगा
कर्म करने की शक्ति
धैर्य एवं संतुष्टी माँगूंगा
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
46-416-30-12-2013
जीवन,चाँद,सूरज,प्रार्थना,पूजा,ईश्वर

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

रविवार, 29 दिसंबर 2013

तुम्हारी सादगी में


तुम्हारी सादगी में
वो सुंदरता है
जो सजने संवरने 

से नहीं होती
तुम्हारी आवाज़ में
वो मिठास है
जो किसी साज में 

नहीं होती
किसी हीरे की चमक
तुम्हारे चेहरे की
चमक से
अधिक नहीं होती
तुम्हें अपना
बनाने की नहीं
ह्रदय में
बसाने की चाह होती
अपना इष्ट मान कर
पूजने के इच्छा होती

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
45-415-29-12-2013

सादगी,सुंदरता,खूबसरती,चेहरा,इष्ट,पूजना
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

शनिवार, 28 दिसंबर 2013

Helpless


No ambition
No desire
Helpless
He lies
With eyes
Towards the sky
Silently waits
For the
Almighty’s call
To take him
Back
In his fold
Put an end to
His miseries
44-414-28-12-2013
Life,misery,helpless,death,

Dr.Rajendra Tela,Nirantar

शुक्रवार, 27 दिसंबर 2013

No win is permanent


No Win
Is permanent
All defeats are
Temporary
Right attitude
Makes life happy
Contentment
Keeps it
Frustration free
Belief in karma
Turns Defeat
In to Victory
Dr.Rajendra Tela,Nirantar
 43-413-27-12-2013
Life,attitude,defeat,victory,karma

Sleep


The heart 
Keeps beating
The lungs
Keep breathing
Day and night
The mind
Never rests
See's beautiful
Dreams
Even with
Closed eyes
Still we say
We sleep
To get up
Next morning
42-412-27-12-2013
Dr.RajendraTela,Nirantar

Life, sleep 

गुरुवार, 26 दिसंबर 2013

कुछ लोग पल पल साथ रहते हैं


कुछ लोग
हर पल साथ रहते हैं
पर ह्रदय के
समीप नहीं होते हैं
कुछ ऐसे भी होते हैं
जब मिलते हैं
गले लग कर मिलते हैं
जी भर के प्रशंसा करते हैं
पर मन से नहीं चाहते
कुछ लोग संसार में
ऐसे भी होते हैं
जो जिसे चाहते हैं
दूर रह कर भी
ह्रदय से चाहते हैं
पल पल याद करते हैं
ना बता पाते हैं
ना जता पाते हैं
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर   
41-411-26-12-2013
रिश्ते,अभिव्यक्ति,जीवन,चाहना

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 

बुधवार, 25 दिसंबर 2013

I thank god


Though
I Did Not Get 
What I Wished 
I Got 
What I Had Never
Expected
It was much More
Than
What I Had Ever
Wished
I Do Not See Any
Reason
To be Unhappy
For Not Getting
What I Had
Wished
I thank god for his
Generosity
40-410-25-12-2013
Life,wishes,god

Dr.RajendraTela,Nirantar 

She kept on knocking at the door of my heart


She
Kept on knocking
At the door of
My heart
I kept on looking
At her
Through the
Peephole of
My conscience
With only
One question in
My  mind
Opening the door
Will make her happy
Keeping
The door closed
Shall keep my morality
I closed my eyes
Put fingers in my ear
Waited patiently
So that she leaves
Dr.Rajendra Tela,Nirantar
39-409-25-12-2013
Infatuation,love.morality,conscience,
heart,life,luring



मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

ना जाने क्यों भूल जाता हूँ


मेरे घर की खिड़की से
आसमान में
रंग बिरंगे पक्षियों को
मस्ती में उड़ते देखता हूँ
सोचने लगता हूँ 
सारे आसमान में
ऐसा ही खूबसूरत नज़ारा
दिखता होगा
ना जाने क्यों भूल जाता हूँ
आसमान के किसी कौने में
कोई बाज़ कोई गिद्ध
किसी नन्ही चिड़िया की
जान के पीछे पड़ा
झपट्टा मार रहा होगा
ना जाने इंसान
अपनी खुशियों में इतना
क्यों डूब हो जाता है
उसे किसी के दुःख का
ख्याल ही नहीं रहता
38-408-24-12-2013
जीवन,दुःख,सुख,आसमान,पक्षी   

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

मुझे याद कर के आसूं ना बहाना


मुझे याद कर के
आसूं ना बहाना
यादों को कभी
खारा ना करना
जी भर के हँसना गाना
गुणों को याद करना
जीवन में उतार लेना
अवगुणों से दूर रहना
भूले से भी
उन्हें याद ना करना
एक अहसान ज़रूर करना
दुनिया से जाने के बाद भी
मुझसे प्यार करते रहना
ज़न्नत में भी मुझे
सुकून देते रहना
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
37-407-24-12-2013
यादें,जीवन,गुण ,अवगुण

सोमवार, 23 दिसंबर 2013

कोहरा अपनी पर आ जाए


कोहरा
अपनी पर आ जाए
सूरज भी छिप जाता है
धूल का एक कण
आँख में गिर जाए
जीना दूभर कर देता है 
खंज़र भी वह
काम नहीं कर सकता
जो एक सुई कर
सकती है
चीटी वहाँ पहुँच जाती है
जहां हाथी
नहीं 
पहुँच कता 
बलशाली होना ही 
जीवन में
सब कुछ नहीं होता
बल से ही मनुष्य
बलवान नहीं होता 
36-406-23-12-2013
जीवन,जीवन,मन्त्र,बल,निर्बल

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

रविवार, 22 दिसंबर 2013

I shall be near you


Neither
I want to know
What you dream
Nor I want to know
What you like
I want to know
What your heart desires
I want to know
What makes you smile?
I want to know
What keeps you happy?
If you feel
It is worth sharing
Your thoughts with me
Remember me
I shall be near you
To make you smile
Keep you happy
Throughout your life
Dr.Rajendra Tela,Nirantar.
35-405-22-12-2013
Life,love,company,  


जब दुखों के बहाने स्व्यं सहेजे मैंने


जब दुखों के बहाने
स्व्यं सहेजे मैंने
किसी को दोष कैसे दूं
मीठी बातों
सुन्दर चेहरों को
सच माना मैंने
किसी को कसूरवार
कैसे कहूँ 
सत्य का पथ छोड़ा मैंने
स्वार्थ को
निरंतर पाला मैंने
इच्छाओं को संजोया मैंने
क्रोध को मित्र बनाया मैंने
अपेक्षाओं के भंवर में
गोते लगाता रहा 
कर्म से जी चुराता रहा 
मोह माया के
जाल में फंसता रहा
जब दुखों के बहाने
स्व्यं सहेजे मैंने
किसी को दोष कैसे दूं 

© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
34-404-22-12-2013
जीवन,सुख,दुःख ,सत्य,जीवन मन्त्र

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

शनिवार, 21 दिसंबर 2013

Why should I regret

My darkest hour
Was brighter 
Than of many 
I know 
My prayers 
Were answered
More 
As compared
 To many
My ambitions  
Were fulfilled 
More than 
I had wished 
Then why should 
I regret 
Cry more than many 
Who have suffered 
More than me  
33-403-21-12-2013 
Life.difficulties,prayer,regret 
Dr.Rajendra Tela,Nirantar.

Talking to myself


I could never find
Anybody better than
Myself
To listen to my woes
Whenever I tried to
Share my problems
With somebody
Nobody
Had the patience
To listen to them
I got an advice
Even before
I could finish
Narrating my woes
I was the only one
Who listened with
Patience
Resolved my woes
32-402-21-12-2013
Introspection,patience,life,

Dr.Rajendra Tela,Nirantar

एक दरवाज़ा ऐसा भी हो

घर में
एक दरवाज़ा
 ऐसा भी हो
जब भी
मन व्यथित हो
चुपचाप घर से
निकल जाऊं
एक ऐसे उपवन में
पहुँच जाऊं
जहां ना कोई जाने
ना पहचाने
नर्म घास में बैठ कर
जी भर के
वृक्षों से बतियाऊं
बातों बातों में
उनसे पूछ लूँ
कैसे सहते हैं
आंधी तूफ़ान
कैसे करते हैं
बर्फीली सर्दी
झुलसाती
गर्मी का सामना
कौन सा
पंछी डाल के ऊपर
कौन मनुष्य
छाया में नीचे बैठा है
चिंता किये बिना
खुशी से जीते हैं
हर मौसम में
हवाओं के साथ
झूमते हैं 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
31-401-21-12-2013
चिंता,व्यथा,एकांत जीवन,जीवन मन्त्र

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013

नभ की साज सज्जा


नभ की 
साज सज्जा
चाँद तारों से होती

रंग बिरंगे
विचरण करते  
पक्षियों से 
रूप निखरता
चाँद तारे 
पक्षी नहीं होते
नभ में वीराना होता
हर ओर मौत का
सन्नाटा पसरा होता
बिना वृक्ष,जल,पहाड़
पृथ्वी का भी
ऐसा ही हाल होता

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
30-400-19-12-2013
प्रकृति,नभ,आकाश,तारे,चाँद

,नभ,जीवन,

गुरुवार, 19 दिसंबर 2013

समय के साथ


समय के साथ
बड़े वृक्ष भी
धराशायी होते हैं
नए वृक्षों के लिए
स्थान खाली करते हैं
फिर क्यों लोग
पद छोड़ना नहीं चाहते 
नयों को
आगे बढ़ने नहीं देते
जीवन के
शाश्वत नियम को
निभाना नहीं चाहते
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

29-399-19-12-2013
जीवन,म्रत्यु,

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

My restless eyes


My restless eyes
Never say bye
May be morning
May be night
Always searching
For something
That attracts
The inquisitive mind
Sometimes at the
Wonders of nature
Sometimes
At the high skies
When my heart is 
In pain
In support they cry
When the heart 
Is happy
They glitter like gold
Their inquisitiveness
Never ends
Whether open
Or closed
My restless eyes
Never say bye
28-398-20-12-2013
Eye,eyes,restless,life

Dr.Rajendra Tela,Nirantar