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सोमवार, 26 नवंबर 2012

प्यार के रंगों से भरी ज़िन्दगी

प्यार के रंगों से भरी ज़िन्दगी
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प्यार के रंगों से भरी 
खूबसूरत पेंटिंग का 
अहसास कराती ज़िन्दगी
अब बदरंग हो गयी है 
सारे रंग  बेतरतीबी से
इधर उधर फैले गए 
किसी  कोण से भी देखो 
देखने की इच्छा नहीं होती 
ज़िन्दगी समारोह के बाद
दिखने वाले 
समारोह स्थल जैसी 
हो गयी है
जहां हर तरफ गंद ही गंद 
ईर्ष्या द्वेष अविश्वास का 
कचरा इतना फैला हुआ है 
सांस लेना तक 
दूभर हो गया है 
अहसास ही नहीं होता 
कभी यहाँ शहनाईयां 
गूंजी होंगी
नाच गाने हुए होंगे
खुशी का माहौल रहा होगा
अब इंतज़ार में हूँ 
कब ज़िन्दगी में फैला
कचरा हटेगा
नए समारोह के लिए
ज़िंदगी का समारोह स्थल 
साफ़ सुथरा होगा
फिर से खुशी का 
माहौल होगा 
मिल जुल कर 
गाना बजाना होगा
हर दिन 
कोई समारोह होगा
प्यार और विश्वास का
बोलबाला होगा 
ज़िन्दगी के रंग 
एक बार फिर से  
एक खूबसूरत पेंटिंग का 
अहसास करायेंगे


© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
802-44-28-10-2012
ज़िन्दगी

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