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गुरुवार, 29 नवंबर 2012

पुराने पेड़ों की छाया में

आयु लिए 
शाखाओं पत्तियों से 
भरे हुए 
पुराने पेड़ों की छाया में 
लोग सदा से 
विश्राम करते रहे हैं 
बरसात में भीगने से
आंधी तूफ़ान
तेज़ धूप में 
गर्मी से बचने के लिए
उनकी छाया में बैठते रहे हैं 
नए पेड़ जोशपूर्ण तरीके से 
तेजी से बढ़ते अवश्य हैं
पर नए पेड़ों में
ना घने पत्ते होते हैं
ना ही घनी छाया होती है
चाहते अवश्य हैं
दुनिया को समेट लें
सब को छाया दे दें
पर सफल नहीं हो पाते हैं
समस्या से घिरते हैं 
बड़े पेड़ों से पूछते हैं
कैसे वे अब तक  
अकाल तेज़ गर्मी आंधी  
तूफ़ान से बचते रहे 
बड़े पेड़ 
समस्याओं का हल 
कैसे ढूँढें किस से पूछें 
जान नहीं पाते
बुजुर्गों का भी यही
हाल होता है
मरते दम तक छाया
तो देते हैं
पर मन मुताबिक़
छाया से वंचित रहते हैं 
807-49-28-10-2012
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर  
बुढापा,अनुभव,जीवन

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