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शुक्रवार, 23 नवंबर 2012

भुला दिया है



आजकल नींद भी
अच्छी आती
मन भी बेचैन नहीं रहता
ना हम
किसी का इंतज़ार करते
ना कोई
हमारा इंतज़ार करता
उन्होंने हमें
हमने उन्हें भुला दिया है
794-36-25-10-2012
भुला दिया

2 टिप्‍पणियां:

  1. अद्भुत अहसास...सुन्दर प्रस्तुति बहुत ही अच्छा लिखा आपने

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  2. सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

    उत्तर देंहटाएं