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शनिवार, 24 नवंबर 2012

नहीं चाहो तो



नहीं चाहो तो
मत बताओ हाल
अपना
बस इतना सा जान लो
हम भी उतने ही
ग़मज़दा हैं
जितने तुम हो
अब भी यकीन नहीं तो
आइना देख लो
जैसी दिखेगी तुमको
सूरत अपनी
कुछ वैसी ही सूरत
हमारी भी है
797-39-25-10-2012
सूरत, आइना, हाल

1 टिप्पणी:

  1. सत्य लिखा है। राजेन्द्र जी आइना देख लो------------

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