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सोमवार, 12 नवंबर 2012

हम लीक से हट कर चलते रहे



हम लीक से
हट कर चलते रहे
लोग काफिर समझते रहे
हम प्यार से गले
लगाते रहे
लोग दुश्मन समझ 
पीछा छुडाते रहे
 हम भी आदत से ढीठ थे
नए दोस्त बनाते रहे

© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
773-18-16-10-2012
दोस्त

3 टिप्‍पणियां:

  1. laghu kintu sundar aur marmsparshi prastuti हम लीक से
    हट कर चलते रहे
    लोग काफिर समझते रहे ,deepawali ki hardik subhkamnaye

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुन्दर प्रस्तुति!
    --
    दीवाली का पर्व है, सबको बाँटों प्यार।
    आतिशबाजी का नहीं, ये पावन त्यौहार।।
    लक्ष्मी और गणेश के, साथ शारदा होय।
    उनका दुनिया में कभी, बाल न बाँका होय।
    --
    आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं