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शुक्रवार, 12 अक्तूबर 2012

लोग कहते मुझ को



लोग कहते थे
निरंतर
वर्षों के अनुभव से
लोगों को
 समझाया करो
जब भी समझाने की
कोशिश करता हूँ
लोग मुझे ही समझाने 
लगते हैं
खुद को समझदार
मुझे बेवकूफ बताने 
लगते हैं
अब लगने लगा है
 ज़िन्दगी भर
बेवकूफों के साथ
 जीता रहा
बेवकूफियां करता रहा
उम्र के इस पड़ाव पर
समझदार लोगों से
पहली बार पाला पडा
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
02-09-2012
716-13-09-12
अनुभव

1 टिप्पणी:

  1. हां सही हैं ....यहाँ आने वाला हर इंसान अपने आप को समझदार वाली श्रेणी में ही समझता है ...

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