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बुधवार, 31 अक्तूबर 2012

जब सूरज पहाड़ों के पीछे से झाँकने लगता है



जब सूरज पहाड़ों के
पीछे से झाँकने लगता है
लगता जैसे
उसका चमकता चेहरा
नज़र आ रहा है
वो भी इतनी दूर मुझसे
जितना आसमान में
सूरज मुझसे
मुझे अपनी ख़ूबसूरती की
रोशनी से
सरोबार तो करती
पर कभी
अपनी ख़ूबसूरती को
करीब से नहीं देखने देती
748-44-23-09-2012
ख़ूबसूरती, चमकता चेहरा

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