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सोमवार, 3 सितंबर 2012

आंसूओं से पूछा ,तुम बहते क्यूं हो



आंसूओं से पूछा
तुम बहते क्यूं हो
दिल से पूछा
तुम बेचैन क्यूं हो
मन से पूछा
तुम अनमने क्यूं हो
चेहरे से पूछा
तुम उदास क्यूं हो
चेहरा बोला
दिल बेचैन जो है
दिल बोला
मन अनमना जो है
मन बोला
आँखें नम जो हैं
चारों से एक साथ पूछा
सच बताओ वजह क्या है
चारों एक साथ बोले
तुम प्रियतम से दूर
अकेले जो हो
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
30-07-2012
634-31-07-12

3 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह बेहतरीन रचना बुधवार 05/09/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  2. चारों एक साथ बोले
    तुम प्रियतम से दूर
    अकेले जो हो,,,,,,

    वाह,,,बहुत लाजबाब प्रस्तुति,,,,राजेन्द्र जी,,,
    RECENT POST-परिकल्पना सम्मान समारोह की झलकियाँ,

    उत्तर देंहटाएं