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रविवार, 30 सितंबर 2012

उनका मुस्काराना गज़ब ढा गया



उनका मुस्काराना
गज़ब ढा गया
दिल की धडकनों को
तेज़ कर गया
शौक-ऐ-मोहब्बत को
मुकाम मिल गया
ठहरी हुयी ज़िन्दगी में
रंग भर गया
उनका ये अंदाज़
दिल को छू गया
फूल खिले तसव्वुर में
दिल उनका हो गया
बेलगाम घोड़े को
घुड सवार मिल गया
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
21-08-2012
683-43-08-12
शायरी,शौक-ऐ-मोहब्बत,मोहब्बत,दिल,मुस्काराना

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