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सोमवार, 3 सितंबर 2012

जोर जबरदस्ती से दबाते हैं लोग



उसने मुझे
अपशब्द कहे
मैंने धीरे से कहा
अपशब्द तो मत कहो
वो जोर से बोला
पहले तुमने कहे
मैंने धीमी आवाज़ में
उत्तर दिया
मैंने तो कुछ नहीं कहा
वो चिल्ला कर बोला
तुमने मुझे अपशब्द कहे
अब माफी मांगो
लोग इकट्ठा हो गए
मैं चुप रहा
क्या करूँ
समझ नहीं आया?
लोग भी चिल्लाने लगे
माफी मांगो
अब समझ आ गया
चिल्ला कर झूठ को सच
सच को झूठ साबित
कैसे करते हैं लोग
कैसे भीड़ को
अपने साथ लेते हैं लोग
ताकत के बल पर
रुलाते हैं
सच्चे इंसान को
जोर जबरदस्ती से
दबाते हैं लोग
29-07-2012
633-30-07-12

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