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रविवार, 23 सितंबर 2012

मुझे तो मार दोगे



मुझे तो मार दोगे
पर अपनी फितरत को
कैसे मारोगे ?
अपनी नफरत को
कैसे मारोगे?
तुम कैसे बच पाओगे ?
खुदा के उसूलों को
याद कर लो
ना किसी हथियार की
ज़रुरत
ना ही किसी ज़हर की
दुनिया से उठाने
के लिएतुम्हारी नफरत से भरी
फितरत ही काफी है
© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर

21-08-2012
669-29-08-12

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